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विभिन्न संस्थाओं के संस्कृत ध्येय वाक्य

भारत की नीव है संस्कृत
संस्कृत विश्‍व की सब भाषाओं की जननी है। इसके बाद भी यह अपने ही घर भारत में उपेक्षित हो रही है। संस्कृत के कई पक्षधर ही इसे देव-वाणी बना कर सामान्य जन से दूर कर देते हैं। वास्तविकता यह है कि यह जन-वाणी रही है। और आज भी बड़ी सरलता से यह जन-वाणी बन सकती है। सामान्य व्यक्ति को प्रेरणा देने और उसे संस्कारित करने की तो इस भाषा में विलक्षण क्षमता है। देश जब स्वतंत्र हुआ तो उस समय के देश के नेतृत्व में संस्कृत के प्रति अनुराग था। इसलिये सरकारी संस्थानों के ध्येय वाक्य संस्कृत में ही चुने गये। बाद में सेकुलरवाद ने संस्कृत को पृष्ठभूमि में धकेल दिया। यहाँ कुछ ध्येय-वाक्य दिये जा रहे है, जो बताते हैं कि संस्कृत भारत का मन और मस्तिष्क है।
भारत सरकार -सत्यमेव जयते
लोक सभा -धर्मचक्र प्रवर्तनाय
उच्चतम न्यायालय -यतो धर्मस्ततो जयः
दूरदर्शन -सत्यं शिवम् सुन्दरम
भारतीय जीवन बीमा निगम -योगक्षेमं वहाम्यहम्
आल इंडिया रेडियो -सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय
भारतीय सांख्यिकी संस्थान -भिन्नेष्वेकस्य दर्शनम्
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी - हव्याभिर्भगःसवितुर्वरेण्यं
भारतीय प्रशासनिक सेवा अकादमी - योगः कर्मसु कौशलं
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान चेन्नई - सिद्धिर्भवति कर्मजा
भा. प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद -विद्या विनयोगाद्विकासः
भा. प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर - योगः कर्मसु कौशलम्
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई - ज्ञानं परमं ध्येयम्
विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग - ज्ञान विज्ञानं विमुक्तये
आन्ध्र विश्‍वविद्यालय - तेजस्विनावधीतमस्तु
दिल्ली विश्‍वविद्यालय - निष्ठा धृतिः सत्यम्
केरल विश्‍वविद्यालय - कर्मणि व्यज्यते प्रज्ञा
राजस्थान विश्‍वविद्यालय - धर्मो विश्‍वस्यजगतः प्रतिष्ठा
हिंदी अकादमी - अहम् राष्ट्री संगमनी वसूनाम्
श्रम मंत्रालय - श्रम मेव जयते
गुजरात रा.विधि विश्‍वविद्यालय
-आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्‍वतः
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम
- शुभास्ते पंथानः सन्तु
बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी
- ज्ञानं परमबलम्
भारतीय सेना
थल सेना - सेवा अस्माकं धर्मः
वायु सेना - नभः स्पृशं दीप्तम्
जल सेना - शं नो वरुणः
सेना ई एम ई कोर - कर्मः हि धर्मः
सेना राजपूताना रायफल - वीर भोग्या वसुन्धरा
सेना मेडिकल कोर - सर्वे संतु निरामया
सेना ग्रेनेडियर रेजिमेन्ट -सर्वदा शक्तिशालिम्
सेना राजपूत बटालियन - सर्वत्र विजये
सेना डोगरा रेजिमेन्ट - कर्तव्यम् अन्वात्मा
सेना गढवाल रायफल - युद्धाय कृत निश्‍चय
सेना कुमायू रेजिमेन्ट - पराक्रमो विजयते
सेना कश्मीर लाइट इंफैन्ट्री - बलिदानं वीर लक्ष्यं
भारतीय तट रक्षक - वयम् रक्षामः
अन्य देशों में भी संस्कृत के प्रति गहरा सम्मान है। तनिक देखिये-
नेपाल सरकार - जननी जन्मभूमिश्‍च स्वर्गादपिगरीयसी
इंडोनेशिया- जल सेना - जलेष्वेव जयामहेऽसेह
कोलंबो विश्‍वविद्यालय (श्रीलंका) - बुद्धिः सर्वत्र भ्राजते
राष्ट्रीय पुलिस (इंडोनेशिया) - राष्ट्र सेवकोत्तम्
पेरादेनिया विश्‍वविद्यालय (श्रीलंका)-सर्वस्य लोचनशास्त्रम्
मोराटुवा cialis pas cher विश्‍वविद्यालय (श्रीलंका) - विद्यैव सर्वधनम्

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