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मालपुरा में भी हो रहे हैं नूंह मेवात जैसे हालात-स्थिति चिंताजनक

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राजस्थान में टोंक जिला के मालपुरा कस्बा में लोग इन दिनों-‘सम्पत्ति जिहाद’ से पीड़ित हैं। यहाँ के हालात भी अलवर, भरतपुर जिलों सहित हरियाणा के नूंह मेवात क्षेत्र की तरह हो गए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत एक याचिका बताती है कि उक्त क्षेत्र के 431 गांवों में से 103 गांवों में एक भी हिंदू नहीं बचा है। 82 गांव ऐसे हैं जिनमें मात्र 4-5 हिंदू परिवार ही रह गए हैं। 2011 में 20 प्रतिशत हिंदू जनसंख्या थी जो घट कर 10-11 प्रतिशत रह गई है। योजनाबद्ध तरीके से हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई थी कि न्यायालय पिछले 10 वर्षों में हिंदुओं द्वारा मुसलमानों को बेची गई संपत्ति के सभी सौदे अमान्य करे। सर्वोच्च न्यायालय ने उक्त याचिका को समाचार पत्रों में छपी खबरों पर आधारित बताते हुए सुनवाई से मना कर दिया, परन्तु इस याचिका से तथा वहां से समय-समय पर आने वाले समाचारों से स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है।
टोंक जिला के मालपुरा में रहने वालों का कहना है कि यह कस्बा 1950 से ही संवेदनशील बना हुआ है। सांप्रदायिक तनाव हमेशा बना रहता है। पिछले कुछ वर्षों में लगभग 600 से 800 परिवार पलायन कर चुके हैं। इस मामले की लड़ाई लड़ रहे वकील कृष्णकांत जैन कहते हैं कि यह एक तरह का संपत्ति जिहाद है। बहुसंख्यक समाज के किसी परिवार को पैसे की आवश्यकता होने पर अल्पसंख्यक समाज के लोग मुंह मांगे दामों में उसका मकान खरीद लेते हैं। अल्पसंख्यक परिवार का रहन-सहन व खान-पान ऐसा होता है कि आस-पास रहने वालों को मुश्किलेें होने लगती हैं और अंततः पलायन करना पड़ता है। ऐसे में वहां मकानों की दरें स्वतः ही कम हो जाती हैं, तब अल्पसंख्यक समाज के लोग औने-पौने दामों में मकान खरीदकर क्षेत्र पर कब्जा जमा लेते हैं।
हाल ही में कस्बे के लोगों ने ऐसे संपत्ति बेचान पर रोक लगाने की मांग की है और अपनी सुरक्षा की मांग हेतु प्रदर्शन भी किया। घरों के बाहर पोस्टर लगाए, विरोध मार्च निकाला तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञात हो कि इसी मालपुरा कस्बे में पूर्व में कांवड़ियों पर हमले हुए थे तथा आईएसआईएस के समर्थन में नारेबाजी भी हो चुकी है। 1947 से लेकर आज तक 8 बार सांप्रदायिक झगड़ों में लगभग 50 लोगों की मृत्यु तक हो चुकी है। सरकार को स्थिति अत्यधिक बिगड़ने से पहले ही आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

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