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प्रत्येक गांव में पाथेयकण के पाठकों का एक समूह सक्रिय होना चाहिए - श्री नरेन्द्र

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संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र ठाकुर ने कहा है कि पाथेय कण पत्रिका पढ़ने वाले 8-10 जागरूक पाठकों का एक समूह प्रत्येक गांव में बनना चाहिए जो बैठकर देश-समाज की घटनाओं पर विचार करे और देश को तोड़ने वाली ताकतों से समाज को सावधान करता रहे। नरेन्द्र जी 12 दिसम्बर को जयपुर के पाथेय भवन में आयोजित ‘पाथेय कण पाठक सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाथेय कण को स्वयं पढ़ने के पश्चात् अपने मित्रों व पड़ोसियों को पढ़ने हेतु देने से राष्ट्रीय विचार अधिक लोगों तक पहुंचेंगे। इस पत्रिका में आए हुए विचारों-समाचारों पर चिंतन करने का आग्रह भी नरेन्द्र जी ने किया।
उन्होंने कहा कि अच्छे साहित्य के माध्यम से पाठक जागरूक होते हैं। वे अपने परिवार को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आगामी पीढ़ी को सही इतिहास बताना हमारा दायित्व है। सम्पूर्ण भारत कभी परतंत्र नहीं रहा। जिन क्षेत्रों में विदेशी शासन था, वहां भी समाज स्वतंत्रता के लिए लड़ा है।
श्री नरेन्द्र ने इस पाठक-सम्मेलन में डाकघर के कई पोस्टमैन व कर्मचारियों का सम्मान भी किया तथा पत्रिका वितरण में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
पाथेय कण के आरंभ से लेकर प्रथम 25 वर्षों की यात्रा पर बनी एक लघु फिल्म दिखाई गई। पाथेय कण के सम्पादक रामस्वरूप अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि अब तक पाथेय कण के 55 विशेषांक प्रकाशित हो गए हैं, जिनमें समाज व राष्ट्र के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सामग्री रहती है। उन्होंने पाठकों से आग्रह किया कि वे पाथेय कण में प्रकाशित सामग्री पर अपनी प्रतिक्रिया भेजते रहें।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में पाथेय कण के स्थानीय पाठक-पाठिकाएं उपस्थित थीं। कई पाठकों ने पाथेय कण की सामग्री को उपयोगी बताया तथा सुझाव भी दिये। सर्वश्री जसवंत खत्री, विष्णुनाथ माथुर, हरिकृष्ण कौशिक, मधुसूदन शर्मा, उमेश चंद्र माथुर, संजय पलनिटकर, जगत नारायण सक्सेना, प्रो. एचसीएल गुप्ता, जयशंकर शर्मा, रवि, हेमंत आदि ने अपने सुझाव दिए। जयपुर प्रांत के
प्रचार प्रमुख प्रो. महावीर प्रसाद ने आरंभ में पाठक सम्मेलन की प्रस्तावना रखी। कुन्नूर में वीरगति प्राप्त करने वाले जनरल रावत सहित सभी सैन्य अधिकारियों को सभागार में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पाथेय कण के प्रबन्ध सम्पादक श्री माणकचन्द भी मंचासीन थे। मंच संचालन श्री कमलेश ने किया।

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