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आस्ट्रिया के ग्राज की हर गली में योग-केन्द्र हैं

तीस साल पहले तक पूर्वी यूरोप का आस्ट्रिया वाममार्गियों के शिकंजे में था। सोवियत रूस में साम्यवाद का पतन हुआ तो आस्ट्रिया भी लाल-तानाशाही से मुक्त हो गया। आज यह योग-शिक्षा का केन्द्र बना हुआ है। राजधानी वियेना के बाद आस्ट्रिया के दूसरे सबसे बड़े नगर ग्राज में गली-गली में योग सिखाने वाली संस्थाएं हैं। इनमें भारत से योग सीख कर आये यूरोप के शिक्षक ही योग सिखाते हैं। ग्राज में दर्शन शास्त्र पढ़ाने वाले प्रणय सकलेचा का कहना है, कि “ हर दूसरा व्यक्ति जो मुझे मिलता है वह या तो योग सिखाता है या खुद योगाभ्यास करता है।”
ग्राज में योग को लोकप्रिय करने का श्रेय बावन वर्ष की मारिया सिंश्‍निग को है। युवावस्था में वे पढ़ने के लिये अमरीका गईं। वर्ष 1990 में केलिफोर्निया में उन्हें योग की जानकारी मिली। केलिफोर्निया की राजधानी सान फ्रांसिस्को में मारिया ने योगाभ्यास प्रारम्भ किया।
वे बताती हैं कि “ यह मेरे लिए अविश्‍वसनीय रूप से अच्छा अनुभव था, मुझे आश्‍चर्यजनक रूप से सुखद अनुभूति हुई।”
इसके बाद मारिया ने पूरे मनोयोग से योग सीखा तथा आस्ट्रिया लौट कर ग्राज में एक योग शिक्षण संस्थान खोल दिया। इसमें योग सीखने वालों ने अपने-अपने स्वयं के योग-केन्द्र प्रारम्भ कर दिये।
अन्ना वेगनर जो नाट्य-शास्त्र की शिक्षा देती हैं, भी योग के लिये समर्पित हैं। योग के सम्बन्ध में वे कहती हैं-“ इससे लोगों को शान्ति मिलती है। अफरा-तफरी से भरी दुनियाँ में योग आपको संतुलित रखता है, शान्त रखता है। भारतीय आध्यात्म तथा योग के पश्‍चिमी देशों में लोकप्रिय होने का यह एक प्रमुख कारण है।”
ऐसे ही अनेक लोग आज आस्ट्रिया में नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय योग-दिवस अर्थात् 21 जून को यहाँ भी उत्साह के साथ हजारों लोगों ने योग और प्राणायाम का अभ्यास किया।

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