layout

wide boxed

direction

ltr rtl

style

light dark

skins

default alimbalmarina somnambula juicy spoonflower goats nutricap keratin vit courtly attire mondrian sage walking by

bg pattern

1 2 3 4 5 6 7 8

bg image

1 2 3 4 5 6 7 8

आरोग्य का खजाना नीम

नीम एक उपयोगी वृक्ष है जो कि पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। इसका स्वाद तो कड़वा होता है लेकिन इसके फायदे अनेक और प्रभावशाली हैं। इसकी जड़ से लेकर फूल-पत्ती और फल तक सभी अवयव औषधीय गुणों से भरे-पूरे हैं। नीम को हमारे देश में ‘गाँव का दवाखाना’ भी कहा जाता है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ कहा जाता है जिसका अर्थ होता है श्रेष्ठ , पूर्ण, और कभी खराब न होने वाला। आइये इसके गुणों को देखकर उनसे लाभ उठायें।

• नीम की बाहरी छाल को पानी में घिसकर फोड़े-फुंसियों पर लगाने से वे बहुत जल्दी ठीक होते हैं।
• नीम की छाल को सुखाकर एवं जलाकर उसकी राख में 20-25 तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
• छाया में सुखाई गई नीम की छाल को जला कर राख बना लें। तत्पश्‍चात् कपड़छान करके उसमें दो गुना पिसा हुआ सेंधा नमक मिला लें। रोज इस चूर्ण का मंजन करने से पायरिया रोग में लाभ होता है तथा मुँह की बदबू, मसूढ़ों व दाँतों का दर्द भी दूर होता है।
• प्रतिदिन नीम की दातौन करने से मुँह की बदबू दूर होती है। दाँत और मसूढ़े मजबूत होते हैं। मसूढ़ों से खून आना तथा मसूढ़ों की सूजन के उपचार के लिये नीम की दातौन बहुत उपयोगी है।
• चैत्र मास में नीम की कोमल नयी कोपलों को दस-पन्द्रह दिन तक प्रातःकाल चबाकर खाने से रक्त शुद्ध होता है। ऐसा करने से फोड़ें-फुंसी नहीं निकलते और किसी भी प्रकार का बुखार नहीं आता है।
• नीम की पत्तियों को आवश्यकतानुसार पीस लें। अब इसमें आधा चम्मच पिसा हुआ अजवायन तथा थोड़ा गुड़ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियाँ बना लें। दो-दो गोली कुछ दिन तक निरन्तर लेने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
• नीम की ताजा पत्तियों को पानी में उबालकर घाव धोने से जल्दी ठीक होता है।
• नीम की पत्तियों के दो चम्मच रस में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रातःकाल लेने से पीलिया रोग में लाभ होता है।
अन्य लाभ
• नीम की पत्तियों का एक छोटा चम्मच रस लेकर उसमें थोड़ी पिसी हुई मिस्री मिलाकर पीने से पेचिश में लाभ होता है।
• नीम की ताजा पत्तियों को अनाज में मिलाकर रखने से उसमें कीड़े (घुन, ईली तथा खपरा) नहीं लगते।
• गर्म कपड़े, कालीन, कम्बल, पुस्तकों आदि को कीड़ों से बचाने के लिये इनमें नीम की ताजा पत्तियाँ रखनी चाहिये।
• नीम की पत्तियों की खाद पेड़-पौधों को पोषक-तत्व प्रदान करती है तथा जमीन में लगी दीपक को भी खत्म करती है।

© 2016 All rights reserved. Patheykan Theme by eCare SofTech Pvt Ltd